हिंदी गाइड · Maintenance / Alimony
गुजारा भत्ता कैसे मिलता है? (Maintenance Case Kaise Karein)
गुजारा भत्ता (maintenance या alimony) वह आर्थिक सहायता है जो अलग रह रही पत्नी, बच्चों या कुछ स्थितियों में पति को मिल सकती है। राशि कोई तय सूत्र से नहीं, बल्कि हर मामले की परिस्थितियों से तय होती है। यह जानकारी सामान्य है।
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गुजारा भत्ते के कानूनी रास्ते
- धारा 144 BNSS (पहले CrPC की धारा 125) — पत्नी, नाबालिग बच्चों और माता-पिता के लिए, जो खुद अपना खर्च नहीं उठा सकते।
- हिंदू विवाह अधिनियम, धारा 24 और 25 — मुकदमे के दौरान अंतरिम और तलाक के बाद स्थायी भरण-पोषण; यह पति या पत्नी दोनों माँग सकते हैं।
- घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 — मौद्रिक राहत।
- मुस्लिम महिलाएँ भी धारा 125 CrPC (अब BNSS) के तहत भरण-पोषण माँग सकती हैं, जैसा सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद अब्दुल समद बनाम तेलंगाना राज्य (2024) में कहा।
राशि कैसे तय होती है
अदालत सामान्यतः दोनों पक्षों की आय, संपत्ति और देनदारियाँ, विवाह के दौरान का जीवन-स्तर, बच्चों की ज़रूरतें, आवेदक की कमाने की क्षमता और अन्य परिस्थितियाँ देखती है। इसके लिए दोनों पक्षों को आय का हलफ़नामा देना होता है, इसलिए सही और पूरी जानकारी देना ज़रूरी है। कोई निश्चित राशि या प्रतिशत गारंटी नहीं दी जा सकती।
भत्ता न मिले तो
अदालत के आदेश के बावजूद भुगतान न होने पर वसूली की कार्यवाही का आवेदन दिया जा सकता है। आदेश में बदलाव (बढ़ोतरी या कमी) आम तौर पर परिस्थितियाँ बदलने पर माँगा जाता है।
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अंग्रेज़ी विवरण: maintenance in matrimonial matters और maintenance and alimony। संबंधित: तलाक की प्रक्रिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या तलाक से पहले भी गुजारा भत्ता मिल सकता है?
हाँ, मुकदमे के दौरान अंतरिम भरण-पोषण माँगा जा सकता है।
क्या कमाने वाली पत्नी को भी भत्ता मिल सकता है?
यह उसकी आय और ज़रूरतों पर निर्भर करता है। केवल नौकरी होने से अधिकार स्वतः समाप्त नहीं हो जाता, पर अदालत आय पर विचार करती है।
क्या पति भी गुजारा भत्ता माँग सकता है?
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 और 25 में पति या पत्नी, दोनों आवेदन कर सकते हैं।
Maintenance case kaise karein?
Aam taur par Family Court mein application di jaati hai, saath mein income affidavit aur zaroori dastavez lagte hain. Kaun sa section lagega, ye aapke case par nirbhar karta hai.
Patni ko gujara bhatta kitna milta hai?
Koi fixed amount ya formula nahi hai. Court dono ki income, zarooraton aur halaat dekh kar tay karti hai.
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